साधारण को असाधारण बनाना
सीआईपीएएम बौद्धिक संपदा (आईपी) को बढ़ावा देने वाले एक मज़बूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करके भारत में रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के अंतर्गत कार्यरत एक निकाय के रूप में, सीआईपीएएम राष्ट्रीय आईपीआर नीति के उद्देश्यों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सरकारी मंत्रालयों और विभागों के साथ सहयोग करता है।
सीआईपीएएम का लोगो राष्ट्रीय आईपीआर नीति के आदर्श वाक्य: "रचनात्मक भारत, नवोन्मेषी भारत" की भावना को प्रतिबिंबित करता है। यह लोगो आईपीआर संवर्धन एवं प्रबंधन प्रकोष्ठ का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि "आई" और "पी" अक्षर रचनात्मक रूप से "बौद्धिक संपदा" के प्रतीक के रूप में डिज़ाइन किए गए हैं।
बौद्धिकता का प्रतीक अक्षर "I" को रचनात्मकता को दर्शाने वाली पेंसिल के रूप में दर्शाया गया है और इसमें भारतीय ध्वज के तिरंगे को दर्शाया गया है।
संपत्ति का प्रतिनिधित्व करने वाले अक्षर "P" का घुमावदार भाग गियर के रूप में दर्शाया गया है, जो नवाचार और उद्योग को दर्शाता है।